मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) से जनवरी 2020 में एक रिपोर्ट सामने आई थी, जहां एक 19 वर्षीय महिला टीचर को उसके नाबालिग छात्रों पर यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। महिला ट्यूशन टीचर पर उसके प्रेमी के साथ किए गए अवैध कृत्यों के लिए मामला दर्ज किया गया था।
कपल ने तीन और छह साल की दो नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण किया था। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब उनमें से एक ने अपने निजी अंगों में दर्द की शिकायत की, जिसके बाद माता-पिता को इस भयानक कृत्य के बारे में पता चला। मध्य प्रदेश के महू की रहने वाली आरोपी महिला पर यौन शोषण के आरोप में मामला दर्ज किया गया था।
क्या है मामला?
रिपोर्ट में कहा गया है कि महिला टीचर दो नाबालिग लड़कियों के कपड़े उतारती थी, जो उनकी छात्रा थीं और उनके गुप्तांगों में पेंसिल डाल देती थीं। इसके बाद वह अपने बॉयफ्रेंड को इसका वीडियो भेजती थी। उस व्यक्ति को भी पकड़ लिया गया है और उसके अनुसार मामला दर्ज किया गया है। मामला तब सामने आया जब दोनों में से एक नाबालिग लड़की ने ट्यूशन से लौटने के बाद अपनी मां से प्राइवेट पार्ट में दर्द की शिकायत की। इससे मां चिंतित हो गई जिसके बाद वह उसी के बारे में विस्तार से पूछताछ करने लगी। उसकी बेटी ने तब खुलासा किया कि टीचर ने उसके गुप्तांगों में पेंसिल डाली थी, जिससे उसे दर्द हो रहा था।
यह घटना मां के लिए बेहद चौंकाने वाली थी। बाद में उन्होंने अपनी बड़ी बेटी से भी इस बारे में पूछताछ की। जब दूसरी लड़की ने भी इसकी पुष्टि की, तो माता-पिता तुरंत पुलिस के पास पहुंचे और आरोपी जोड़े के खिलाफ मामला दर्ज किया। माता-पिता ट्यूटर के पास गए और पुलिस को सौंपने से पहले उसकी पिटाई भी की।
पुलिस का बयान
महू की तत्कालीन थाना प्रभारी अभय नेमा ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया था कि लड़कियों ने उन्हें बताया कि शिक्षक उन्हें कैसे कपड़े उतारेंगे और उनके निजी अंगों में पेंसिल डालने का वीडियो रिकॉर्ड करेंगे। हालांकि, बाद में जब लड़कियां दर्द से चिल्लातीं तो वह उन्हें कपड़े पहनाती और पढ़ाने का काम फिर से शुरू कर देती। ट्यूशन टीचर को संबंधित IPC और POCSO एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया था। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, टीचर के प्रेमी को भी पास के एक इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया, क्योंकि वह महिला टीचर से उन वीडियो को प्राप्त करके अपराध में भागीदार था।
चेन्नई से भी आया था ऐसा ही मामला
नवंबर 2019 में इसी तरह के एक मामले में चेन्नई पुलिस ने संजना नाम की एक 28 वर्षीय महिला और उसके 38 वर्षीय प्रेमी बालाजी को भी POCSO एक्ट के तहत गिरफ्तार किया था। पुलिस ने बताया था कि दोनों छात्रों को अन्य छात्रों के साथ अंतरंग होने के लिए प्रोत्साहित करते थे और फिर बाद में उन्हें ब्लैकमेल करने के लिए उनके वीडियो रिकॉर्ड कर लेते थे।
संजना बालाजी के घर के विपरीत घर में रहती थी और वह अक्सर उससे मिलने जाता था क्योंकि वह बच्चों को ट्यूशन देती थी। मामला तब सामने आया जब पीड़ितों में से एक 14 वर्षीय लड़की ने इसकी शिकायत की, जिसके बाद उसके परिवार ने मामला दर्ज किया, जिससे 6 नवंबर, 2019 को उनकी गिरफ्तारी हुई।
शिकायत के मुताबिक, संजना कक्षा 10-12 के छात्रों के लिए क्लास ले रही थी। नाबालिग छात्रा क्लास अटेंड कर रही थी तभी बालाजी ट्यूशन टीचर के घर आया और उससे दोस्ती कर ली। उसने पिछले महीने टीचर के घर में कथित तौर पर उसका यौन शोषण किया था और उसे किसी को सूचित करने के खिलाफ चेतावनी दी थी।
उस वक्त जांच अधिकारी ने कहा था कि लड़की ने जाकर ट्यूशन टीचर को बताया कि क्या हुआ। यह सुनते ही पहले से शादीशुदा टीचर ने अपने प्रेमी का पक्ष लिया और लड़की को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। उन्होंने लड़की को उसके घर से पैसे और गहने लाने के लिए मजबूर किया और उसके माता-पिता को यह बताने की धमकी दी कि अगर उसने उनकी मांगों को नहीं माना तो वह यौन रूप से सक्रिय थी।
लड़की के माता-पिता ने अपने घर से पैसे गायब पाया और जब उन्होंने अपनी बेटी से पूछा, तो उसने यौन शोषण और उसके बाद होने वाली धमकियों का खुलासा किया। एक अधिकारी ने यह भी बताया था कि ट्यूशन टीचर की बालाजी के साथ मिलीभगत थी और उसने लड़की का शोषण करने में उसकी मदद की। इन दोनों को प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन अगेंस्ट सेक्शुअल ऑफेंस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है। इस मामलों से एक बात तो साफ है कि अपराध का कोई जेंडर नहीं होता।
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