ओडिशा (Odisha) में विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस ने प्रभावशाली लोगों को ‘ब्लैकमेल’ करने के मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। इस मामले में एक 28 वर्षीय महिला को गिरफ्तार किया गया है। दोनों पार्टियों ने राज्य में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) पर मामले में शामिल लोगों को बचाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है।
ओडिशा में भारतीय जनता पार्टी की महिला शाखा ने मंगलवार को आरोपी महिला द्वारा राजनेताओं और एक उड़िया फिल्म निर्माता को हनीट्रैप करने के कथित मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की। विपक्षी पार्टी ने कहा कि ओडिशा के सत्तारूढ़ बीजू जनता दल द्वारा मामले में दबाया जा रहा था।
क्या है पूरा मामला?
हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, कालाहांडी जिले की एक 28 वर्षीय महिला अर्चना नाग को पिछले सप्ताह भुवनेश्वर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। बाद में उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। महिला पर आरोप है कि उसने कई दूसरी महिलाओं को वेश्यावृत्ति के लिए मजबूर किया और प्रभावशाली लोगों को ब्लैकमेल करने के लिए उनका इस्तेमाल किया। उनमें से एक ओडिया फिल्म निर्माता अक्षय पारिजा भी थे, जिन्होंने आरोप लगाया था कि अर्चना नाग और उनके सहयोगी एक महिला के साथ उनकी अश्लील तस्वीरों को लेकर उन्हें ब्लैकमेल कर रहे थे, जिन्होंने अर्चना पर उनका शोषण करने का आरोप लगाया था।
BJP का सनसनीखेज आरोप
बीजेपी ने मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग करते हुए आरोप लगाया है कि राज्य के कई मंत्री इसमें शामिल हैं। बीजेपी के महिला मोर्चे की अध्यक्ष स्मृति पटनायक ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फेंस में कहा, ‘‘पुलिस मामले की उचित जांच करने में पूरी तरह से विफल रही है, जिसमें बताया जा रहा है कि राज्य के मंत्री सहित सत्तारूढ़ पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हैं। पुलिस के ‘ब्लैकमेलिंग’ गिरोह से जुड़े सभी लोगों के नामों का खुलासा न करने से संदेह और बढ़ गया है।’’
पटनायक ने आरोप लगाया कि मामले में महिला का पति भी शामिल था, जिसे गिरफ्तार न करके पुलिस उसे सबूत मिटाने का मौका दे रही है। पटनायक ने कहा, ‘‘ऐसा प्रतीत होता है कि इस गिरोह में सत्ताधारी दल और राज्य सरकार की सीधी संलिप्तता है। दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। यह मामला सीबीआई को सौंपे जाने के लिए उपयुक्त है, क्योंकि राज्य पुलिस इसकी जांच करने में असमर्थ है।’’
वहीं, कांग्रेस ने अदालत की निगरानी में एक विशेष जांच दल (SIT) द्वारा मामले की जांच कराए जाने की मांग की। कांग्रेस नेता देवाशीष पटनायक ने आरोप लगाया, ‘‘सत्तारूपढ़ पार्टी के कई सदस्य मामले में शामिल हैं और ब्लैकमेल कर करोड़ों रुपये वसूलने वाली महिला व उसके पति को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।’’
हालांकि, बीजद ने आरोपों को खारिज करते हुए कांग्रेस और भाजपा से मामले में शामिल उसके नेताओं के खिलाफ सबूत पेश करने को कहा। बीजद प्रवक्ता लेनिन मोहंती ने कहा, ‘‘अगर बीजेपी के पास कोई भी तस्वीर या अन्य कोई सबूत हैं तो आरोप लगाने के बाजय उसे सार्वजनिक रूप से पेश करे। मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि मामले में बीजद की संलिप्तता साबित करके दिखाएं।’’
पुलिस का बयान
पुलिस के मुताबिक, कालाहांडी की रहने वाली 28 वर्षीय महिला को पिछले सप्ताह एक लड़की और ओडिया फिल्मों के एक निर्माता को ब्लैकमेल करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने महिला, उसके पति और अन्य व्यक्ति के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और सूचना एवं प्रौद्योगिकी कानून की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने बताया कि महिला ने कथित तौर पर सोशल मीडिया पर इन लोगों से दोस्ती की थी और उनके साथ अंतरंग तस्वीरें लेने के बाद उन्हें ‘ब्लैकमेल’ करती थी।
हाई प्रोफाइल लोगों को बनाया शिकार
पुलिस अधिकारियों ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि भुवनेश्वर आने से पहले कालाहांडी जिले के केसिंगा में अपने परिवार के साथ रहने वाली नाग ने सत्तारूढ़ बीजद, बीजेपी, कुछ उड़िया फिल्म निर्माताओं, सरकारी अधिकारियों और प्रमुख व्यापारियों के नेताओं को ब्लैकमेल किया था। एक अधिकारी ने आरोप लगाया कि एक स्कूल टीचर की सबसे बड़ी बेटी नाग और उसका जगबंधु चंद एक साथ काम करते थे और सीरियल ब्लैकमेलर थे।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “हाल ही में उसने बीजद के एक विधायक को निशाना बनाया, लेकिन वह मामला आगे नहीं बढ़ा क्योंकि विधायक ने जाहिर तौर पर हार मान ली थी। ऐसा ही एक प्रमुख जौहरी ने भी किया था, जिसने दो साल पहले 50 लाख रुपये का भुगतान किया था।” नाग के खिलाफ तीन मामले दर्ज किए गए थे। कहा जाता है कि नाग के भुवनेश्वर के एक प्रमुख होटल कारोबारी के साथ अच्छे संबंध थे, जिन्होंने उसकी मदद की। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
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