उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ (Aligarh in UP) में सालों पहले जिस महिला को मृत घोषित कर दिया गया था, वो अब जिंदा पाई गई है। महिला की हत्या के आरोप में एक शख्स पिछले 7 साल से यूपी के अलीगढ़ जेल में सजा काट रहा था। विष्णु (Vishnu) नामक शख्स को महिला की हत्या के आरोप में कोर्ट ने 7 साल जेल की सजा दी थी और अब पूरे केस ने एक नया मोड़ ले लिया है।
क्या है पूरा मामला?
2015 में अलीगढ़ के विष्णु एक मजदूर थे, जिन्हें एक 14 वर्षीय लड़की (उस समय) की कथित रूप से हत्या करने के लिए दोषी ठहराया गया और सात साल की कैद की सजा सुनाई गई। कथित पीड़िता के माता-पिता द्वारा संबंधित पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराने के बाद शख्स को जेल में डाल दिया गया था। विष्णु पर किशोरी के अपहरण और हत्या का आरोप लगाया गया था जब वह नाबालिग थी।
प्रेमी के साथ भागकर शादी कर ली थी युवती
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, अब 2022 में मृत युवती जीवित, विवाहित और यूपी के हाथरस जिले में परिवार के साथ रह रही मिली है। पुलिस के मुताबिक, नाबालिग लड़की ने कथित तौर पर अपने प्रेमी के साथ भागकर उससे शादी कर ली थी। कपल बाद में हाथरस जिले के एक गांव में शिफ्ट हो गए। द इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि कुछ दिन बाद आगरा में एक युवती की लाश बरामद हुई थी। लड़की के पिता ने आगरा जाकर शव की शिनाख्त अपनी लापता बेटी के रूप में की।
लड़की के पड़ोसी के खिलाफ अलीगढ़ में अपहरण और हत्या के आरोप में FIR दर्ज की गई थी। पुलिस ने युवक के खिलाफ प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन अगेंस्ट सेक्सुअल ऑफेंस (POCSO) एक्ट भी लगाया है। उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
7 साल जेल में बिताया
एक पुलिस अधिकारी ने मीडिया को यह भी बताया कि घटना के करीब तीन साल बाद आरोपी को जमानत पर रिहा कर दिया गया था। हालांकि, अदालत की कार्यवाही में शामिल नहीं होने के कारण, उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था। आरोपी ने बाद में अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया, जिसने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
विष्णु की मां ने की न्याय की मांग
विष्णु की मां सुनीता इस मामले को लगातार उठा रही थीं क्योंकि उन्हें मृत महिला और उसके ठिकाने के बारे में जानकारी थी। सुनीता ने पहले अलीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कलानिधि नैथानी से मुलाकात की थी और कथित तौर पर उन्हें सूचित किया था कि ‘मृत’ लड़की न केवल जीवित है, बल्कि बच्चों के साथ विवाहित भी है। बाद में, पुलिस अधिकारी ने घटना की जांच के आदेश दिए और हाथरस की लड़की को ढूंढ निकाला।
मृत महिला के जिंदा मिलने के बाद विष्णु की मां ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उसने अपने बेटे के लिए न्याय की गुहार लगाते हुए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है जिसने एक झूठे मामले में अपने जीवन के सात साल बर्बाद कर दिए। पुलिस ने ‘मृत’ महिला की पहचान सुनिश्चित करने के लिए उसका DNA टेस्ट कराने के लिए अलीगढ़ कोर्ट में पेश किया है।
पुलिस का बयान
द इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए अलीगढ़ के सर्किल ऑफिसर राघवेंद्र सिंह ने कहा कि लड़की को अलीगढ़ की एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया और सोमवार को उसका बयान दर्ज किया गया। हमने मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है। हम लड़की की पहचान सुनिश्चित करने के लिए उसकी डीएनए प्रोफाइलिंग कराने की भी योजना बना रहे हैं।
अधिकारी ने आगे कहा कि आगे की कार्रवाई DNA प्रोफाइलिंग रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी। अगर उसकी पहचान की पुष्टि हो जाती है, तो पुलिस अदालत जाएगी और आरोपी के खिलाफ आरोप वापस लेने का अनुरोध करते हुए एक आवेदन दायर करेगी। पुलिस ने कहा कि लड़की का बयान दर्ज करने के बाद उसे अलीगढ़ के एक संरक्षण गृह में भेज दिया गया।
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