ओडिशा के कोरापुट जिले के एक 35 वर्षीय व्यक्ति के पत्नी के शव को अपने कंधे पर लटकाकर कई किलोमीटर तक पैदल चलने का मामला सामने आया है। इस महिला की 8 फरवरी को पड़ोसी आंध्र प्रदेश में एक अस्पताल से लौटते वक्त एक ऑटो रिक्शा में मौत हो गई थी। बाद में पुलिसकर्मियों ने सामुलु पांगी को अपनी 30 वर्षीय पत्नी इदे गुरु का शव कंधे पर ले जाते हुए देखा तथा शव उसके गांव तक ले जाने के लिए एम्बुलेंस की व्यवस्था की।
क्या है पूरा मामला?
पांगी ने अपनी बीमार पत्नी को आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम जिले में एक अस्पताल में भर्ती कराया था। हालांकि, डॉक्टरों ने उसे घर वापस ले जाने की सलाह दी थी जो करीब 100 किलोमीटर दूर था। पांगी ने बताया कि उसने अपने गांव लौटने के लिए एक ऑटो रिक्शा बुलाया, लेकिन गुरु की बीच रास्ते में ही मौत हो गई। इसके बाद ऑटो चालक ने आगे जाने से मना कर दिया और उन्हें रास्ते में ही उतार दिया। कोई और व्यवस्था न होने पर पांगी ने अपने कंधे पर पत्नी का शव लेकर अपने घर पैदल चलना शुरू कर दिया था, जो वहां से करीब 80 किलोमीटर दूर था।
स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी सूचना
पांगी के शव को कंधे पर रखकर कई किलोमीटर चलने के बाद कुछ स्थानीय लोगों ने उसे देखा और पुलिस को इसकी सूचना दी। इसके बाद ग्रामीण सर्किल इंस्पेक्टर टीवी तिरुपति राव और गैंट्याडा सब-इंस्पेक्टर किरण कुमार ने मौके पर पहुंचकर उसे रोका। शुरू में आंध्र प्रदेश पुलिस को पांगी से जानकारी प्राप्त करने के लिए संघर्ष करना पड़ा, क्योंकि वे समझ नहीं पा रहे थे कि वह क्या कह रहा है।
बाद में उड़िया समझने वाले एक अन्य व्यक्ति की मदद से पुलिस को पांगी की दुखद कहानी का पता चला। इसके बाद उन्होंने एक एम्बुलेंस की भी व्यवस्था की, जो पांगी और उनकी पत्नी के शव को उनके गांव ले गई।
याद आई दाना मांझी की घटना
बता दें कि 2016 में ओडिशा के भवानीपटना में इसी तरह की एक घटना सामने आई थी। ओडिशा के कालाहांडी जिले के रहने वाले दाना मांझी को अपनी पत्नी का शव कंधे पर रखकर चलते देखा गया था, जिसका वीडियो खूब वायरल हुआ था। मांझी अपनी पत्नी का शव कंधे पर रखकर अपनी बेटी चांदनी के साथ लगभग 12 किलोमीटर तक चले थे, जब एक अस्पताल ने उन्हें एंबुलेंस देने से मना कर दिया था।
ओडिशा में एक और मामला
मार्च 2022 में ओडिशा के रायगड़ा जिले से ऐसी ही एक और घटना की सूचना मिली थी। एंबुलेंस नहीं मिलने पर सुरधर बेनिया नामक एक व्यक्ति को अपने बेटे के शव को कंधे पर लादकर ले जाते हुए देखा गया था। बेनिया के नौ वर्षीय बेटे आकाश को कुछ दिनों से डायरिया होने के कारण रायगढ़ा कस्बे के जिला मुख्यालय अस्पताल में ले जाया गया था। हालांकि, तब तक काफी देर हो चुकी थी और अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिवार ने शव को घर ले जाने के लिए एक एंबुलेंस देना का अनुरोध किया, लेकिन अस्पताल ने कहा कि उनके पास कोई वाहन नहीं है। तब दुखी बेनिया अपने बेटे के शव को लेकर अपने रिश्तेदारों के साथ डेढ़ किमी घर चला गया। वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल के अधिकारियों ने दावा किया कि बेनिया ने एंबुलेंस के लिए किसी से अनुरोध नहीं किया था।
VIDEO:
https://twitter.com/AhmedKhabeer_/status/1623597779908976642?s=20&t=-jw2oDnVss7C2x0ywwwmLw
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