बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) ने हाल ही में एक बिल्डिंग के ऊपर से बच्चे को फेंककर अपने नवजात की हत्या करने की आरोपी एक महिला को जमानत दे दी।
क्या है मामला?
बार एंड बेंच बेवसाइट के अनुसार, 5 दिसंबर, 2019 को आवेदक महिला ने कथित तौर पर अपने बच्चे को बिल्डिंग की छत से फेंक दिया था। कोर्ट ने रिकॉर्ड से पाया कि आवेदक अपने पति से परेशान थी। प्रार्थी को शक था कि उसके पति के किसी अन्य महिला से अवैध संबंध हैं। आवेदक पर कांदिवली पुलिस स्टेशन द्वारा भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 317 (12 साल से कम उम्र के बच्चे को छोड़ना), 302 (हत्या) और 201 (सबूत मिटाना) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
कोर्ट का आदेश
जस्टिस एमएस कार्णिक ने कहा कि आवेदक लगभग तीन साल से कस्टडी में है और मामले में चार्जशीट भी दायर की जा चुकी है। कोर्ट ने कहा कि आवेदक घरेलू नौकरानी के रूप में काम कर रही है और वह 2 साल 11 महीने से अधिक समय से कस्टडी में है। अदालत ने कहा कि चार्जशीट पहले ही दाखिल की जा चुकी है। एक महिला की कस्टडी को आगे बढ़ाने से कोई उद्देश्य पूरा नहीं होगा। निकट भविष्य में जल्द ही किसी भी समय ट्रायल शुरू होने की संभावना दूर की कौड़ी है।
इसके साथ ही जज ने 10,000 रुपये बेल बॉन्ड जमा करने के बाद महिला को जमानत पर रिहा करने की अनुमति दे दी। अदालत ने पाया कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण मामला है जहां आवेदक ने दोपहर लगभग 2.30 बजे बच्चे को जन्म दिया और खुद चाकू से गर्भनाल काट ली। प्रासंगिक समय में, वह अपनी भाभी के साथ रह रही थी। आवेदक की ओर से वकील श्रीगणेश सावलकर, मुमताज मुल्ला, एस शिंदे और राहुल भिसे पेश हुए। जबकि राज्य सरकार की ओर से वकील एसएच यादव पेश हुए।
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